राष्ट्रपति ने कहा पोक्सो एक्ट के दोषियों को ना मिले दया याचिका का अधिकार
देशभर में दुष्कर्म के मामले को लेकर सामने आ रही कड़ी प्रतिक्रियाओं के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महिला सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई है। राष्ट्रपति ने कहा कि पोक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म के दोषियों को दया याचिका दायर करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। संसद को दया याचिकाओं के इस विषय पर संविधान संशोधन के बारे में विचार करना चाहिए। संविधान ने दया याचिका का अधिकार दिया है लेकिन पोक्सो एक्ट के दोषियों को ऐसे किसी भी अधिकार की जरूरत नहीं है।गौरतलब है कि निर्भया मामले में दया याचिका हाल ही में राष्ट्रपति के पास निर्णय के लिए भेजी गई है ऐसे में उनका यह बयान काफी अहम हो जाता है।

राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब हैदराबाद में पशु चिकित्सक के साथ हैवानियत करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस आरोपियों को क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन करने के लिए ले गई थी। जहां उन्होंने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। आत्मरक्षा में पुलिस ने उनपर गोलियां चलाईं। जिसमें उनकी मौत हो गई। इसे लेकर सभी लोगों ने खुशी जाहिर की है।
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राष्ट्रपति ने शुक्रवार को राजस्थान के माउंट आबू में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्थान की ओर से महिला सशक्तिकरण पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। देशभर में दुष्कर्म और यौन हिंसा की वारदात पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि महिला सुरक्षा बहुत ही गंभीर विषय है। इस पर बहुत काम हुआ है लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। बेटियों पर होने वाले असुरी प्रहारों की वारदात देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती है। उन्होंने कहा कि लड़कों में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी हर नागरिक की है। इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र मौजूद रहे।

